एक क़दीम तरीन हिन्दू मंदिर जो पाकिस्तान के जुनूबी शहर कराची में वाक़ै है, क़ानूनी जंग के बाद उस की तज़ईन-ओ-आराइश की जा रही है और नाजायज़ क़बज़ा करने वालों का तवील क़ानूनी मुहिम के बाद तख़लिया करवा दिया गया है। 1500 साल क़दीम शेरी पंचमुखी हनूमान मंदिर जो सोल्जर बाज़ार कराची में वाक़ै है।
गुज़श्ता चंद साल से नाक़िस इंतिज़ामीया का शिकार था जिस की वजह से इस की जदीद कारी नहीं की जा सकी थी। ये काम मंदिर की अराज़ी पर नाजायज़ क़बज़ाग़िरों की वजह से ही मुश्किल होगया था जो तज़ईन-ओ-आराइश का काम करने वालों को धमकाया करते थे। इस मंदिर की तज़ईन-ओ-आराइश और जदीद कारी दो साल में मुकम्मल होजाएगी।
लेकिन फंड्स की कमी की वजह से और मुक़द्दमात की बिना पर जो मंदिर की अराज़ी की मिल्कियत के बारे में जारी थे, ये काम मुतास्सिर हुआ था। लेकिन अब बेला रोकावट जारी है। मंदिर की ख़ुसूसी अहमीयत हिंदूओं के लिए इस वजह से है कि इस में मौजूद मूर्ती क़ुदरती साख़ता समझी जाती है और कहा जाता है कि ये किसी इंसान की तराशी हुई नहीं है।
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