गुज़शता साल दिल्ली हाइकोर्ट में पेश आए बम धमाका वाक़िया में क़ौमी तहक़ीक़ाती एजेंसी (एन आई ए) ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया गया। सरकारी ज़राए ने बताया कि इस शख़्स की मुहम्मद अयूब की हैसियत से शनाख़्त की गई है जबकि वसीम अकरम नामी शख़्स से तफ्तीश के दौरान उस शख़्स का नाम लिया गया जोकि एक मेडीकल का तालिब-ए-इल्म है।
तहक़ीक़ाती एजेंसी ने इस शख़्स को इस केस का अहम मुल्ज़िम क़रार दे रही है। अयूब ने हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर जहांगीर के लिए एक सिम कार्ड ख़रीदा था। सरकारी ज़राए ने बताया कि ये बात वाज़िह नहीं हो सकी है कि आया अयूब को दिल्ली में क़ैद रखा जाएगा या कशटवार में इससे पूछताछ की जाएगी और मुक़ामी पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
वसीम के अंकल और रिश्ते के भाई को दिल्ली में पूछताछ की गई है जबकि उनकी फ़ोन की किताब में मुल्ज़िम अयूब का नाम देखा गया। पिछले साल पेश आए बम धमाका में कम अज़ कम 15 अफ़राद हलाक हो गए थे। धमाका 7 सितंबर को दिल्ली हाइकोर्ट के अहाता में किया गया था।
दरीं असना इस केस में मतलूब एक शख़्स जुनैद अकरम मुल़्क की ज़ोर-ओ-शोर से तलाश जारी है। एन आई ए ने जुनैद का पता बताने वाले को 10 लाख रुपये नक़द इनाम की पेशकश की है। इसके साथ शाकिर हुसैन उर्फ़ छोटा शकील और अमीर अली ख़ां उर्फ़ अमीर की भी तलाश जारी है।
जुनैद का भाई अकरम इस वक़्त अदालती तहवील में हैं।
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