शाम में सदर बशारुल असद की वफ़ादार फ़ौज में बड़े पैमाने पर बग़ावत फूट पड़ी है। शामी अपोज़ीशन के मुताबिक़ सरकारी फ़ौज से अलग हो कर बाग़ीयों में मिलने वाले 2500 फ़ौजीयों ने हुकूमत के ख़िलाफ़ जंग का इजतिमाई हलफ़ उठाया है। अपोज़ीशन का कहना है कि हुकूमत से अलग होने वाले फ़ौजीयों ने अपोज़ीशन के साथ वफ़ादारी का अह्द करते हुए कहा है कि वो सदर बशारुल असद का तख़्ता उल्टने के लिए अपनी जानों के नज़राने पेश करने और किसी भी दूसरी क़ुर्बानी से दरेग़ नहीं करेंगे।
समाजी राबते की वीडीयो साईट यू टयूब पर नशर एक वीडीयो फूटेज में बाग़ी फ़ौजीयों को इजतिमाई हलफ़ उठाते दिखाया गया है। वीडीयो फूटेज में ढ़ाई हज़ार फ़ौजीयों के इजतिमाई हलफ़ के बाद आज़ाद फ़ौज के तर्जुमान का ब्यान भी शामिल है। बाग़ी फ़ौज के तर्जुमान का कहना है कि ये पच्चीस सौ सिपाही आज़ाद फ़ौज के मुआवीया ब्रिगेड में शामिल हैं।
शाम में सदर बशारुल असद की शख़्सी हुक्मरानी के ख़िलाफ़ जारी गुज़शता एक साला तहरीक इंतिफ़ाज़ा(आजादी की तहरीक) में हर आने वाले दिन सदर असद की हामी फ़ौज में बग़ावत बढ़ती जा रही है। शामी वज़ारत-ए-दिफ़ा के कई सीनीयर ओहदेदारों, फ़िज़ाईया, बहरीया और बर्री अफ़्वाज के सैकड़ों ओहदेदार और जवान फ़रार हो कर बाग़ीयों से जा मिले हैं।
इजतिमाई तौर पर पच्चीस सौ फ़ौजीयों का हलफ़ इस अमर की निशानदेही करता है कि सरकारी फ़ौज में बड़े पैमाने पर फूट पड़ चुकी है जो इस बात की जानिब भी इशारा है कि फ़ौज इन्क़िलाब के लिए सड़कों पर एहतेजाज करने वाले अवाम के सामने ताक़त के भरपूर इस्तिमाल के बावजूद बेबस हो चुकी है।
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