उर्दू के नामवर माया नाज़ शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जानिब से तैयार कर्दा आख़िरी फ़िल्म पाकिस्तान में पेश आए सयासी हालात के सबब कहीं गुम हो चुकी है। फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की दुख्तर सलीमा हाश्मी ने पी टी आई को बताया कि वो इस फ़िल्म दूर है सच का गाँव के नीगेटीव्ज़ को हनूज़ तलाश कर रहे हैं जबकि इस फ़िल्म को इसके दहिय के आग़ाज़ में पाकिस्तान और लंदन में तैयार किया गया था।
सलीमा हाश्मी ने यहां कोलकता शहर का दौरा करने के दौरान इन ख़्यालात का इज़हार करते हुए कहा कि जिस वक़्त फ़िल्म की क़तई एडीटिंग की जा रही थी, उस वक़्त फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ पाकिस्तान में सयासी अबतरी की सूरत-ए-हाल से परेशान होकर रवाना हो गए थे और इस तरह फ़िल्म के रील गुम हो गए। किसी ने भी इस फ़िल्म को नहीं देखा क्योंकि फ़िल्म कभी रीलीज़ नहीं हुई।
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